दस गुरु

गुरु वह शिक्षक है जो लोगों को अंधेरे से उजाले की ओर ले जाता है। सिख मानते हैं कि दसों गुरुओं में एक ही ईश्वरीय ज्योति थी — जैसे एक दीया अगले दीये को जला देता है।

सिख आदर दिखाने के लिए गुरुओं के नाम के साथ “जी” या “साहिब” लगाते हैं। बहुत से सिख गुरुओं के चित्र दिखाना पसंद नहीं करते, इसलिए इस वेबसाइट पर चित्रों की जगह चिह्नों का इस्तेमाल किया गया है।

1

गुरु नानक देव जी

1469–1539

सिख धर्म के संस्थापक, महान यात्री और शिक्षक

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2

गुरु अंगद देव जी

1539–1552

गुरमुखी लिपि, सेहतमंद शरीर और लंगर

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3

गुरु अमर दास जी

1552–1574

बराबरी और सबके लिए लंगर

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4

गुरु राम दास जी

1574–1581

अमृतसर शहर बसाना

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5

गुरु अर्जन देव जी

1581–1606

हरिमंदिर साहिब बनवाना और पवित्र ग्रंथ तैयार करना

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6

गुरु हरगोबिंद साहिब जी

1606–1644

संत-सिपाही: मीरी और पीरी की दो तलवारें

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7

गुरु हर राय जी

1644–1661

प्रकृति से प्रेम और इलाज

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8

गुरु हरकृष्ण जी

1661–1664

बाल गुरु जिन्होंने बीमारों की सेवा की

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9

गुरु तेग बहादुर जी

1664–1675

धर्म की आज़ादी के रक्षक

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10

गुरु गोबिंद सिंह जी

1675–1708

खालसा की स्थापना; आख़िरी देहधारी गुरु

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✅ झटपट जाँच

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1. सबसे छोटी उम्र के गुरु कौन थे?

2. किन गुरु जी ने गुरमुखी लिपि को लोकप्रिय बनाया?