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गुरु 6 / 10

गुरु हरगोबिंद साहिब जी

जन्म
1595
गुरु रहे
1606–1644
किस लिए जाने जाते हैं
संत-सिपाही: मीरी और पीरी की दो तलवारें

गुरु हरगोबिंद साहिब जी दो तलवारें पहनते थे: एक मीरी की (दुनिया की देखभाल और लोगों की रक्षा के लिए) और एक पीरी की (आत्मिक शक्ति के लिए)।

एक बार उन्हें ग्वालियर के किले में कैद कर लिया गया। जब उन्हें छोड़ा गया, तो उन्होंने कहा कि वे तभी बाहर आएँगे जब 52 दूसरे कैदी (राजा) भी छोड़े जाएँगे!

और जानें

बादशाह ने कहा कि सिर्फ़ वही बाहर जा सकते हैं जो गुरु जी का चोला पकड़ सकें। तो गुरु जी ने 52 कलियों (फुंदनों) वाला एक खास चोला पहना, और सारे 52 राजा उसे पकड़कर बाहर आ गए। सिख इस दिन को बंदी छोड़ दिवस — “आज़ादी का दिन” — के रूप में याद करते हैं। उन्होंने अमृतसर में अकाल तख़्त भी बनवाया।

📍 नक्शे पर देखने लायक जगहें