गुरु 7 / 10
गुरु हर राय जी
- जन्म
- 1630
- गुरु रहे
- 1644–1661
- किस लिए जाने जाते हैं
- प्रकृति से प्रेम और इलाज
गुरु हर राय जी को प्रकृति से बहुत प्यार था। बचपन में एक बार उनका चोला गुलाब की झाड़ी में अटक गया और एक फूल टूट गया। उन्हें इतना दुख हुआ कि उसके बाद वे हमेशा हर जीव का ध्यान रखने लगे।
उन्होंने सुंदर बाग़ लगाए और जड़ी-बूटियों की दवाओं वाला एक दवाख़ाना चलाया, जो सबके लिए मुफ़्त था।
और जानें
जब मुग़ल बादशाह शाहजहाँ के बेटे दारा शिकोह बहुत बीमार पड़े, तो गुरु हर राय जी ने उनके लिए दुर्लभ दवा भेजी — जबकि बादशाह सिखों का दोस्त नहीं था। उन्होंने सिखाया कि हमें हर ज़रूरतमंद की मदद करनी चाहिए। लोगों की रक्षा के लिए उनके पास 2,200 घुड़सवारों की एक सेना भी थी।