बाल सभा
बच्चों के सीखने और अभ्यास करने की जगह: क्विज़, गुरमुखी अक्षर, पंजाबी शब्द और रंग भरना।
- अंग
- श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी का एक पन्ना (इसका मतलब है “शरीर का अंग”)।
- अकाल तख़्त
- अमृतसर में “अकाल पुरख (कालातीत ईश्वर) का सिंहासन”, जिसे गुरु हरगोबिंद साहिब जी ने बनवाया। यह सिखों का सबसे ऊँचा धार्मिक केंद्र है।
- अमृत
- चीनी (पतासे) और बाणी पढ़कर तैयार किया गया पवित्र जल, जो सिख को खालसा में शामिल होते समय छकाया जाता है।
- अरदास
- दीवान के अंत में खड़े होकर की जाने वाली प्रार्थना, जिसमें सबके भले की दुआ माँगी जाती है।
- कीर्तन
- श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी के शबदों को संगीत के साथ गाना।
- कौर
- सिख महिलाओं को दिया जाने वाला नाम। इसका मतलब है “राजकुमारी”।
- खंडा
- सिखों का चिह्न: एक दोधारी खंडा, एक गोला (चक्कर) और दो मुड़ी हुई तलवारें।
- खालसा
- उन सिखों का समुदाय जिन्होंने अमृत छका है। इसका मतलब है “शुद्ध”।
- गुरपुरब
- किसी गुरु के जन्म या किसी दूसरी महत्वपूर्ण घटना की याद में मनाया जाने वाला त्योहार।
- गुरबाणी
- श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी में लिखे शब्द और शबद।
- गुरमुखी
- वह लिपि (वर्णमाला) जिसमें पंजाबी लिखी जाती है।
- गुरुद्वारा
- सिखों का पूजा-स्थान। इसका मतलब है “गुरु का द्वार”।
- ग्रंथी
- वह व्यक्ति जो श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी से पाठ करता है और उनकी देखभाल करता है।
- चौर साहिब
- आदर दिखाने के लिए श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी के ऊपर झुलाया जाने वाला पंखा।
- दस्तार
- पगड़ी।
- निशान साहिब
- हर गुरुद्वारे के बाहर लहराने वाला सिख झंडा।
- पंज प्यारे
- पाँच प्यारे — खालसा के पहले पाँच सदस्य।
- पंजाब
- “पाँच नदियों की धरती” — सिख धर्म की जन्मभूमि।
- मिसल
- 1700 के दशक के बारह सिख दलों में से एक, जिनमें से हर एक का अपना नेता होता था।
- लंगर
- हर गुरुद्वारे में चलने वाली मुफ़्त सामुदायिक रसोई।
- वाहेगुरु
- ईश्वर के लिए सिखों का एक नाम, जिसका मतलब है “अद्भुत प्रभु”।
- शहीद
- वह व्यक्ति जो सच्चाई के लिए अपनी जान दे देता है।
- संगत
- लोगों का वह समूह जो मिलकर प्रार्थना करने के लिए इकट्ठा होता है।
- सिंह
- सिख पुरुषों को दिया जाने वाला नाम। इसका मतलब है “शेर”।
- सेवा
- निस्वार्थ सेवा — बदले में कुछ चाहे बिना मदद करना।