सिख त्योहार
सिख त्योहार प्रार्थना, कीर्तन, लंगर, जुलूस और मौज-मस्ती के खुशी भरे दिन होते हैं। गुरुओं से जुड़े खास उत्सवों को गुरपुरब कहते हैं।
वैसाखी
📅 13 या 14 अप्रैल
सबसे महत्वपूर्ण त्योहार। यह 1699 में खालसा की स्थापना और पंजाब में बसंत की फ़सल कटाई का उत्सव है। सड़कों पर रंग-बिरंगे जुलूस निकलते हैं, जिन्हें नगर कीर्तन कहते हैं, और निशान साहिब का झंडा बदला जाता है।
बंदी छोड़ दिवस
📅 अक्टूबर या नवंबर (दीवाली वाले दिन)
यह गुरु हरगोबिंद साहिब जी के 52 राजाओं के साथ कैद से रिहा होने की खुशी में मनाया जाता है। श्री दरबार साहिब हज़ारों दीयों से जगमगा उठता है और आतिशबाज़ी होती है।
गुरु नानक देव जी का गुरपुरब
📅 अक्टूबर या नवंबर (पूर्णिमा)
गुरु नानक देव जी का प्रकाश पर्व (जन्मदिन)। गुरुद्वारों में श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी का 48 घंटे का लगातार पाठ होता है, जिसे अखंड पाठ कहते हैं, और उसके बाद उत्सव मनाया जाता है।
गुरु गोबिंद सिंह जी का गुरपुरब
📅 दिसंबर या जनवरी
दसवें गुरु का प्रकाश पर्व, जो कीर्तन, नगर कीर्तन जुलूसों और लंगर के साथ मनाया जाता है।
होला मोहल्ला
📅 मार्च (होली के अगले दिन)
इसकी शुरुआत गुरु गोबिंद सिंह जी ने आनंदपुर साहिब में की थी। सिख गतका (सिख युद्ध-कला), घुड़सवारी और कविता में अपना हुनर दिखाते हैं।
✅ झटपट जाँच
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1. कौन सा त्योहार खालसा की सृजना का उत्सव है?
2. बंदी छोड़ दिवस पर सिख किन गुरु जी के जेल से रिहा होने को याद करते हैं?