गुरु 1 / 10
गुरु नानक देव जी
- जन्म
- 1469
- गुरु रहे
- 1469–1539
- किस लिए जाने जाते हैं
- सिख धर्म के संस्थापक, महान यात्री और शिक्षक
जब गुरु नानक जी बच्चे थे, उनके पिता ने उन्हें 20 रुपये दिए और कहा कि बाज़ार जाकर कोई “सच्चा सौदा” (अच्छा सौदा) करके आओ।
रास्ते में गुरु नानक जी को भूखे साधुओं का एक समूह मिला। उन्होंने सारे पैसे उनके खाने पर खर्च कर दिए। घर लौटकर उन्होंने कहा, “भूखों को खाना खिलाना ही सबसे सच्चा सौदा है।”
और जानें
इस कहानी को सच्चा सौदा कहते हैं। गुरु नानक जी ने तीन सुनहरे नियम सिखाए: नाम जपना (ईश्वर को याद करना), किरत करनी (ईमानदारी से काम करना) और वंड छकना (दूसरों के साथ बाँटना)। अपने आख़िरी साल उन्होंने करतारपुर में किसान के रूप में बिताए, जहाँ उन्होंने सबके साथ बैठकर खाने की परंपरा शुरू की।