वैसाखी 1699 — पंज प्यारे
4 में से भाग 1
1699 की वैसाखी पर हज़ारों सिख आनंदपुर साहिब में इकट्ठा हुए। गुरु गोबिंद सिंह जी उनके सामने खड़े हुए और पूछा, “कौन अपने धर्म के लिए अपना शीश देने को तैयार है?”
साखियाँ गुरु साहिबान और बहादुर सिखों के जीवन की छोटी-छोटी कहानियाँ हैं। हर एक में एक सीख है जिसे हम रोज़ अपना सकते हैं।
4 में से भाग 1
1699 की वैसाखी पर हज़ारों सिख आनंदपुर साहिब में इकट्ठा हुए। गुरु गोबिंद सिंह जी उनके सामने खड़े हुए और पूछा, “कौन अपने धर्म के लिए अपना शीश देने को तैयार है?”
साखियाँ सैकड़ों सालों से सुनाई और दोहराई जाती रही हैं, इसलिए छोटी-छोटी बातें एक सुनाने वाले से दूसरे तक थोड़ी अलग हो सकती हैं।