पंजा साहिब
4 में से भाग 1
अपनी यात्राओं में गुरु नानक देव जी और भाई मरदाना जी हसन अब्दाल के पास एक पहाड़ी के नीचे रुके। भाई मरदाना जी को बहुत प्यास लगी थी।
साखियाँ गुरु साहिबान और बहादुर सिखों के जीवन की छोटी-छोटी कहानियाँ हैं। हर एक में एक सीख है जिसे हम रोज़ अपना सकते हैं।
4 में से भाग 1
अपनी यात्राओं में गुरु नानक देव जी और भाई मरदाना जी हसन अब्दाल के पास एक पहाड़ी के नीचे रुके। भाई मरदाना जी को बहुत प्यास लगी थी।
साखियाँ सैकड़ों सालों से सुनाई और दोहराई जाती रही हैं, इसलिए छोटी-छोटी बातें एक सुनाने वाले से दूसरे तक थोड़ी अलग हो सकती हैं।