लंगर में बादशाह
4 में से भाग 1
गुरु अमर दास जी गोइंदवाल में रहते थे, जहाँ आने वाला हर व्यक्ति पहले लंगर में सबके साथ ज़मीन पर बैठकर भोजन करता था।
साखियाँ गुरु साहिबान और बहादुर सिखों के जीवन की छोटी-छोटी कहानियाँ हैं। हर एक में एक सीख है जिसे हम रोज़ अपना सकते हैं।
4 में से भाग 1
गुरु अमर दास जी गोइंदवाल में रहते थे, जहाँ आने वाला हर व्यक्ति पहले लंगर में सबके साथ ज़मीन पर बैठकर भोजन करता था।
साखियाँ सैकड़ों सालों से सुनाई और दोहराई जाती रही हैं, इसलिए छोटी-छोटी बातें एक सुनाने वाले से दूसरे तक थोड़ी अलग हो सकती हैं।