गुरु 8 / 10
गुरु हरकृष्ण जी
- जन्म
- 1656
- गुरु रहे
- 1661–1664
- किस लिए जाने जाते हैं
- बाल गुरु जिन्होंने बीमारों की सेवा की
गुरु हरकृष्ण जी सिर्फ़ 5 साल की उम्र में गुरु बने — वे सबसे छोटी उम्र के गुरु थे।
जब वे दिल्ली गए, तब वहाँ एक भयानक बीमारी (चेचक) फैली हुई थी। छोटे गुरु जी ने हर धर्म के बीमार लोगों की मदद की और उन्हें सहारा दिया।
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उन्हें खुद भी यह बीमारी लग गई और सिर्फ़ 7 साल की उम्र में वे ज्योति-जोत समा गए। जाने से पहले उन्होंने कहा “बाबा बकाले”, यानी अगले गुरु बकाला गाँव में मिलेंगे। दिल्ली में जहाँ वे ठहरे थे, वहाँ आज गुरुद्वारा बंगला साहिब है। उसके पवित्र सरोवर पर आज भी लोग अच्छी सेहत की कामना लेकर आते हैं।