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गुरु 5 / 10

गुरु अर्जन देव जी

जन्म
1563
गुरु रहे
1581–1606
किस लिए जाने जाते हैं
हरिमंदिर साहिब बनवाना और पवित्र ग्रंथ तैयार करना

गुरु अर्जन देव जी ने अमृतसर के सरोवर के बीच में हरिमंदिर साहिब (जिसे श्री दरबार साहिब भी कहते हैं) बनवाया। उन्होंने उसमें चारों तरफ़ चार दरवाज़े रखे, यह दिखाने के लिए कि हर दिशा से और हर पृष्ठभूमि के लोगों का स्वागत है।

उन्होंने गुरुओं और हिंदू व मुसलमान संतों की बाणी को एक पवित्र ग्रंथ, आदि ग्रंथ, में इकट्ठा किया।

और जानें

1606 में मुग़ल बादशाह जहाँगीर ने गुरु अर्जन जी को यातनाएँ देने का हुक्म दिया। उन्हें जलती हुई गर्म तवी पर बिठाया गया, पर वे शांत रहे और बार-बार कहते रहे कि “तेरा भाणा मीठा लागे” — ईश्वर की रज़ा मीठी है। वे पहले सिख शहीद थे। उन्होंने सुखमनी साहिब, यानी “शांति की बाणी”, भी लिखी।

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